Female Prisoner

मध्यप्रदेश शासन की महिला नीति के अतंर्गत विभाग के कार्य

मध्यप्रदेश शासन, महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा बनाई गई महिला नीति के अंतर्गत जेल विभाग ने महिला बंदियों  के लिए निम्नानुसार कार्य किए

महिला क़ैदीयों को विभिन्न औद्यैाागिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण

 

जेल में सजा काट रही महिलाओं को विभिन्न प्रकार के लघु एवं कुटीर उद्योगों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। केन्द्रीय जेल, भोपाल में व्यावसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत महिलाओं को गुडि़या उद्योग सिलाई कशिदाकारी एवं अगरबत्ती उद्योग में एक वर्षीय प्रशिक्षण दिया गया है, जिसमें क्रमशः 30, 32 एवं 30 महिलाओं ने प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त किया। केन्द्रीय जेल, उज्जैन में व्यावसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत खाना बनाने एवं सिलाई, अगरबत्ती उद्योग एवं खिलौने@जूट उत्पाद का प्रशिक्षण दिया गया जिसमे क्रमशः 20, 20,18 एवं 27 महिला बंदी लाभान्वित हुई। ;पपपद्ध जिला जेल, इन्दौर में राखी बनाने के प्रशिक्षण के अंतर्गत 25 महिलओं को 1 दिवस का प्रशिक्षण तथा 24 महिला बंदियों को 3 माह का ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया गया। जिला जेल धार में 30 महिलाओं को सिलाई ब्यूटी पार्लर का प्रशिक्षण दिया गया। ;पअद्ध केन्द्रीय जेल, सागर में व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत परिरूद्ध महिलाओं को बड़ी-पापड़, अचार के 3 माह का प्रशिक्षण का 35 महिलाओं एवं 6 माह का सिलाई प्रशिक्षण का 20 महिलाओं ने लाभ प्राप्त किया। केन्द्रीय जेल, जबलपुर में व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत परिरूद्ध महिलाओं को अगरबत्ती उद्योग, ब्यूटी पार्लर, सिलाई, कढाई एवं गारमेंट मेकिंग का प्रशिक्षण दिया गया, जिसमें क्रमशः 10, 25, 20 एवं 15 महिलाओं ने प्रशिक्षण का लाभ प्राप्त किया। जिला जेल बेतूल में व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत बेग-पर्स, सिलाई एंव ब्यूटी पार्लर परिरूद्ध का प्रशिक्षण क्रमशः 13, 25 एवं 08 महिलाओं ने प्राप्त किया। ;अपपद्ध जिला जेल छिंदवाड़ा में व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत परिरूद्ध 03 महिलाओं को छः माह का सिलाई प्रशिक्षण दिया गया है। ;अपपपद्ध जिला जेल गुना में व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत परिरूद्ध 10 महिलाओं को दो माह का सिलाई, बुनाई एवं कढाई का प्रशिक्षण दिया गया है। ;पगद्ध केन्द्रीय जेल, रीवा में व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत परिरूद्ध 22 महिलाओं को 03 माह का सिलाई प्रशिक्षण दिया गया है। जिला जेल सीधी में व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत परिरूद्ध 14 महिलाओं को 12 दिनों का स्वरोजगार प्रशिक्षण दिया गया है।

प्रशिक्षण के दौरान आर्थिक सहायता

कुशल महिला बंदियों को प्रति आधा दिवस के कार्य हेतु 110 रूपए एवं अकुशल महिला बंदियों को प्रति आधा दिवस के कार्य हेतु 62 रूपए पारिश्रमिक प्रदान किया जाता है।

महिलाओ के पुर्नवास हेतु योजना

महिला बंदियों के पुर्नवास हेतु व्यवसायिक प्रशिक्षण के अंतर्गत महिला बंदियो को विभिन्न लघु एवं कुटीर उद्योग जैसे गुडि़या बनाना, कशिदाकारी, अगरबत्ती बनाना, फ्लाॅवर मेकिंग, लिफाफा निर्माण, ब्यूटी पार्लर एवं एम्ब्रायडी आदि का प्रशिक्षण दिया जाता है।

महिला बंदियों के लिए शिक्षा

प्रदेश की जेलों में महिला बंदियों को प्राथमिक कक्षा से स्नातकोत्तर तक विभिन्न कक्षाओं में पढ़ने का अवसर प्रदान किया जाता है । निरक्षर महिला बंदियों को साक्षर बनाने के लिए कक्षाएं चलाई जा रही हैं। शासन द्वारा पुस्तकों एवं स्टेशनरी आदि की मुफ्त व्यवस्था की जाती है। वर्ष के दौरान विभिन्न परीक्षाओं में 199 महिला बंदी शामिल हुई एवं 797 महिला बंदियों को साक्षर बनाया गया है।

महिला बंदियों के लिये विशेष परिहार

प्रदेश की जेलों में परिरूद्ध दण्डित महिला बंदियों के लिये अच्छे आचरण एवं दिये गये कार्य को पूर्ण करने पर प्रतिमाह छः दिन की माफी दी जा रही है, साथ ही पूरे वर्ष में अच्छे आचरण पर  (जेल नियमावली के नियम 706-अच्छे आचरण की माफी ) के अंतर्गत अधीक्षक/ उप अधीक्षक/ सहायक अधीक्षक द्वारा एक माह की माफी दी जाती है।